Web Design Kya Hai - Web Design Course Fee Kya Hai?

वेब डिज़ाइन एक ऐसा process होता है, जिसके जरिये हम किसी भी प्रकार का वेबसाइट बनाते है, और अपनी बिज़नेस को ग्रो करते है। इसमें बहुत सारी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज आती है जिसके हेल्प से एक वेब डिज़ाइनर या प्रोग्रामर वेबसाइट को क्लाइंट के अनुसार डेवेलोप करता है।

वेब डिज़ाइन कोर्स में html, css, javascript, jquery, ajax, और bootstrap इत्यादि आता है, अगर आपलोगो के पास ये सभी लैंग्वेज की जानकारी है तो आप एक वेब डिज़ाइनर का काम कर सकते है।

वेब डिज़ाइन में basically एक HTML पेज को डिज़ाइन करना होता है और अच्छी तरह से सभी कोड्स लिखने होते है, अगर एक भी कोड गलती से छूट जाए तो वेबसाइट की डिज़ाइन पूरी तरह से ख़राब हो जाती है।

वेब डिजाइनिंग क्या है इन हिंदी - वेब डिजाइनिंग कोर्स फीस

वेब डिजाइनिंग कोर्स फीस :-

वेब डिजाइनिंग कोर्स फीस लगभग 20K से लेकर 30K में पूरा हो जाएगा , जिसमे Programming लैंग्वेज में HTML, CSS, Javascript, JQuery, Ajax, PHP and MySql सीखना होता है और सॉफ्टवेयर में एडोबी फोटोशॉप , एडोबी इलस्ट्रेटर , एडोबी indesign इत्यादि सॉफ्टवेयर सीखना होता है।

जितने भी कंप्यूटर institute है उनलोगो का कोई भी fixed फीस नहीं होती है सबकी अलग अलग होती है आप चार पांच जगह पता कर लीजिये फिर एडमिशन लेके सिख सकते है। तो फ्रेंड्स हमारी जानकारी आपलोगो को कैसे लगी अगर अच्छी लगी होगी तो सोशल मीडिया पर शेयर जरूर कर दीजिये ताकि दूसरा का भी हेल्प हो सके सुक्रिया दोस्त !!

वेब डिज़ाइनर बनने के लिए क्या करना होता है? Web Designer banane ke liye kya karna hota hai?

वेब डिज़ाइनर बनने के लिए आपको कंप्यूटर की जानकारी होनी चाहिए और , कंप्यूटर फील्ड में आपकी इंट्रेस्ट भी होनी चाहिए, तभी जाके आप अपनी कर्रिएर वेब डिज़ाइन के फील्ड में बना सकते है। अगर आपलोगो को कंप्यूटर फील्ड में इंट्रेस्ट है तो मैं आपलोगो को दो माधयम बताता हूँ जिसके जरिये आपलोग वेब डिज़ाइनर बन सकते है।

  • १. आप ऑनलाइन प्लेटफार्म के जरिये वेब डिज़ाइन टुटोरिअल्स देख कर और प्रैक्टिकल करके सिख सकते है जो की बिलकुल फ्री ऑफ़ कॉस्ट है यूट्यूब हमे बहुत सारी फ्री फैसिलिटी देता है जिसके जरिये हमलोगो किसी भी gaol को हासिल कर सकते है।
  • २. दुसरा माध्यम है की ऑफलाइन इसके जरिये हमलोगो वेब डिज़ाइन सिख सकते है आपलोगो जहाँ भी रहते है अपने आस - पास कंप्यूटर इंस्टिट्यूट चले जाइये और वहाँ अपने कोर्स का नाम बोलियेगा तो आपलोगो को वो लोग सीखा देंगे जिसकी कुछ कॉस्ट होती है हर वेब डिज़ाइन इंस्टिट्यूट की कॉस्ट अलग अलग होती है आप अपनी वजट देख के अपनी एडमिशन ले सकते है और सिख सकते है।

वेब डिज़ाइनर बनने में लगभग 8 month लग जाएगा लेकिन यह आप पर depend करता है की आप कितनी मेहनत से और कितना टाइम सीखने में लगा रहे है आप जितना टाइम अपने सीखने में लगाएंगे और प्रैक्टिकल में आप उतना जल्दी ही सिख सकते है और जॉब के लिए किसी भी सॉफ्टवेयर कंपनी में अप्लाई कर सकते है।

वेब डिज़ाइन की सैलरी कितनी होती है? - Web designer ki salary kitni hoti hai

वेब डिज़ाइन की सैलरी पूरी तरह से experience पर depend करती है आपकी जितनी साल का एक्सपीरियंस होगा उतनी सैलरी अधिक होगी। अगर आप एक फ्रेशर हो पहले बार किसी कंपनी में अप्लाई कर रहे हो तो वहाँ पर आपकी सैलरी लगभग 10 हजार होगी या उससे कम भी हो सकती है, जैसे - जैसे exprience होता जाएगा हर ईयर आपकी सैलरी इंक्रीमेंट होती रहेगी।

वेब डिज़ाइनर की सैलरी infinitive होती है, आप फ्रीलान्स करके लाख कमा सकते है यह totally आप पर depend करता है आप किस तरह पैसा कामना चाहते है आप सैलरी बेसिस भी जॉब कंपनी में कर सकते है और एक्स्ट्रा टाइम में पार्ट टाइम भी कर सकते है फ्रेंड्स इस फील्ड में बहुत पैसा है और मांग भी बहुत ज्यादा है अगर आप चाहते है अपना लाइफ सैट करना तो कर सकते है और अपनी dream पूरा कर सकते है।

वेब डिजाइन के कितने प्रकार होते हैं? Web Designer Kitne Prakar Ke hote Hain?

वेब डिज़ाइन मैनली दो प्रकार के होते है जिसमे एक static वेब डिजाइनिंग और दूसरा डायनामिक वेब डिजाइनिंग होती है।

Static वेब डिजाइनिंग में कोई भी कंटेंट और डिज़ाइन में चेंजिंग करनी होती है तो एक वेब डिज़ाइनर ही इसे कोडिंग में जाकर चेंज कर सकता है। यह पूरी तरह से फ्रॉन्टेन्ट एन्ड डिज़ाइन होती है जिसमे नेविगेशन मेनू , बॉडी सेक्शन और फुटर सेक्शन का डिज़ाइन कैसा रहेगा यह सभी स्टैटिक वेब डिज़ाइन में आती है।

इसमें हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज , cascading stylesheet, jquery और बूटस्ट्रैप का प्रयोग किया जाता है और वेब वेब को डिज़ाइन किया जाता है।

डायनामिक वेब डिजाइनिंग में बैकेंड को डेवेलोप किया जाता है इसका मतलब यह है की एक वेब डेवलपर वेब पेज को डेवेलोप करता है जिसे कोई भी dynamically update , delete कंटेंट और डिज़ाइन को चेंज कर सकता है यह यूजर और कस्टमर बेस्ड changable होता है।

इसमें Sever side scripting लैंग्वेज का प्रयोग किया जाता है जैसे - PHP , MySql , JAVA और asp.net

क्वेश्चन और आंसर

वेब डिजाइनिंग html, css, javascript और jquery लैंग्वेज में की जाती है। जब हम एक वेबसाइट डेवेलोप करते है तो इन सभी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की जरूरत पड़ती है। तो आइये अब हम इन सभी लैंग्वेज के बारे में थोड़ा जान लेते है जो नए है उनके लिए ये जानना जरुरी है।

  • HTML Kya hai :- यह वेब डिज़ाइन का सबसे first language होता है, जिसका फुल फॉर्म हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज होता है। इसका प्रयोग html web page layout क्रिएट यानि स्ट्रक्चर क्रिएट करने के लिए प्रयोग किया जाता है।
  • CSS kya hai :- वेब डिज़ाइन में css का क्या कार्य है? इसका फुल फॉर्म cascading stylesheet होता है। जब एक वेब पेज की स्ट्रक्चर create की जाती है, तो उनका स्टाइलिंग css के द्वारा की जाती है। तथा किसी भी वेबसाइट की लुक इसी लैंग्वेज के द्वारा दी जाती है।
  • Javascript kya hai - यह एक client side scripting लैंग्वेज होता है, जो यूजर के सिस्टम में चल सकता है इसके लिए कोई अलग से सर्वर की नीड नहीं होती है, इसके द्वारा वेब पेज में हम functionality देते है जैसे - button effect, navigation efffect, slider effect इत्यादि।

Trending Topics

News

Mobile

Internet

Software

Computer

Digital Marketing

Youtube Tourist Place Vlog

Website Design Cost